Home ताजा खबर Farmer protest : तीनों कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक...

Farmer protest : तीनों कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक 4 सदस्य कमेटी बनाई

सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाते हुए यह बताया कि कृषि कानून अगले आदेश तक लागू नहीं हो सकते हैं

पिछले 48 दिनों से किसान दिल्ली में दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं तमाम अलग-अलग किसानों इसी धरना प्रदर्शन में मौत भी हुई है सुप्रीम कोर्ट ने 4 सदस्य कमेटी बनाने का भी ऐलान किया है वह कौन-कौन से लोग हैं जो इस कमेटी का हिस्सा होगे जितेंद्र सिंह मान होगे, डॉ प्रमोद कुमार जोशी अशोक गुलाटी और अनिल धन पर जो है इस कमेटी का हिस्सा होगे

यह चारों लोग हैं वह यह देखेंगे कि इस कानून में क्या कुछ है और किस तरीके से लागू किया जा सकता है सरकार और किसानों के बीच में पिछले 48 दिनों से प्रतिरोध था उसे आज सुप्रीम कोर्ट ने कहीं ना कहीं उसे थामने कि उसे रोकने की कोशिश की है लेकिन आपको वह जान लेना चाहिए जो वह 30 कौन कौन से कारण है जो सरकार और किसानों के बीच गतिरोध था

पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि कि यह गतिरोध केवल 48 दिनों का नहीं है सितंबर में जब सरकार यह कानून लेकर आई थी तब भी विरोध शुरू हो गया था तब पंजाब और हरियाणा मेथा लेकिन विरोध बढ़ते बढ़ते नवंबर में लास्ट में दिल्ली तक आ गया सरकार को घेरने के लिए किसान चल दिए थे और अब 50 दिन 48 दिन से यह जो धरना प्रदर्शन चालू हो गया है वह तीन कानूनों को बहुत भंडारण रिलेटेड कानून मतलब कि आप जो फसल उगाते थे उसको एक लिमिटेड amount में रख सकते थे अब उस जमाखोरी पर रोक लगा दी सरकार ने मतलब जमाखोरी जैसा कोई कानून नहीं होगा केवल युद्ध और आपदा में इस तरह की चीजें नहीं कर सकते

दूसरा मैन कानून था जिसके लिए सबसे ज्यादा हंगामा हुआ वो एपीएमसी मंडी यो से रिलेटेड था की एपीएमसी मंडी ओके पैरेलल प्राइवेट मंडिया आ सकती है सरकार ने साफ कह दिया कि APMC जो सरकारी मंडी या हैं जहां पर फसलें बेची जा सकती है उनका एकाधिकार खत्म होना चाहिए जहां पर टैक्स भी लगता था इसलिए सरकार ने कहा कि अब प्राइवेट मंडी या आ सकती है और यह चीज हो सकती है इस पर सबसे ज्यादा हंगामा रहा है

तीसरा जो कानून था वह contract farming से रिलेटेड है उसमें यह बताया गया कि फसल उगाते समय किसान और व्यापारी के बीच में डील फशल जब उग जाएगी यानी कि जब उसकी कटाई होगी तब कितना पैसा किसान को मिलेगा इसके अलावा उसको कितनी सर्विसिस किसान को दी जाएगी यह तीनों कानून थे सरकार लगातार कह रही थी कि यह हम किसानों की आई दुगने करने के लिए लेकर आए हैं जो मोदी सरकार का कहना है कि वह 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना चाहती है लेकिन किसानों का लगातार कहना था कि यह जो कानून यह एक तरह से प्राइवेटाइजेशन के तरफ आगे बढ़ रहे हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Happy Makar Sankranti 2022 :- Wishes images , Qoutes , send your Friend

Happy Makar Sankranti Wishes 2022 May this Makar Sankranti fill your life with joy, happiness and love. Wishing you...

उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव 14 फरवरी को ,सात चरणों में होंगा चुनाव

उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव की तारीखों का किया ऐलान । सात चरणों में होंगे चुनाव । कोरोना गाइडलाइन के बीच...

विधान सभा चुनाव की तारीख का ऐलान , पांच राज्यो में होगा चुनाव

उत्तरप्रदेश , पंजाब , उत्तराखंड , गोवा , मणिपुर जैसे पांच राज्यो में विधान सभा चुनाव होगा । विधान सभा चुनाव...

ટોપ10 ગુજરાતી લવ શાયરી |Top 10 Love shayari Gujarati

પ્રેમ એટલે માત્ર આખો દિવસ -વાત કરવી નહીં પણ ,તમે જ્યારે એમની સાથે વાત -ન કરી રહ્યાં હોવ તો પણ ,તમને ...

Recent Comments

close